प्रतीक की डायरी से ..... 2




प्रतीक की डायरी से ..... 2

From the Diary of Pratik ......... 2







मेरी तमन्ना..................


इतना दूर होकर भी इतने पास लगते हो ,

जाने क्यों इस दिल को इतने खास लगते हो .

तेरी एक आवाज़ से धड़क जाता है दिल,

तेरी एक मुस्कुराहट से सँवर जाता है दिल.

ज़िंदगी कि इस मुश्किल घड़ी में आपका साथ मिल गया,

रोशन हुई ज़िंदगी एक आसरा मिल गया.

अब तक थे अकेले इस भीड़ में भटक रहे,

तेरी एक मुस्कुराहट ने सहारा दे दिया.

बस एक बार तुझे देखने का मन है,

उस नायाब चेहरे को देखने क मन है.

बस एक बार अपना हुस्न दिखा जाओ,

सूने दिल में एक दीप जला जाओ.

है बस ये आखिरी तमन्ना,

तुमको है देखना और तुमसे है मिलना ..............








                                      - कुमार प्रतीक





Presented and Posted By :
 

- Swapnil Shukla

 


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Comments

  1. अनुज तिवारी10 May 2013 at 04:42

    बढ़िया कविता. आभार
    - अनुज तिवारी

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  2. नीरज राजपूत10 May 2013 at 04:43

    बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ व भाव . बहुत उमदा

    - नीरज राजपूत

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  3. मिनाक्षी द्त्ता10 May 2013 at 04:49

    सुंदर कविता , प्रस्तुतिकरण व चित्रांकन . लाजवाब
    प्रतीक की डायरी की यह रचना भी पिछली रचना की भाँति ही उच्च स्तर की है . धन्यवाद स्वप्निल जी .

    - मिनाक्षी द्त्ता

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  4. nice poem . congra8


    - Bimal Jeet

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  5. विजय मोहन पाण्डेय10 May 2013 at 04:51

    खूबसूरत रचना ...............
    अति उत्तम चित्रांकन . कविता व चित्रों का सामंजस्य देखते ही बनता है.
    ऋषभ जी के हाथों में तो मानो जादू है .
    स्वप्निल सौंदर्य सचमुच सपनों की दुनिया जैसा ही चिट्ठा है . आभार स्वप्निल जी !

    उमदा कविता प्रतीक !

    - विजय मोहन पाण्डेय

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  6. "रोशन हुई ज़िंदगी एक आसरा मिल गया.

    अब तक थे अकेले इस भीड़ में भटक रहे,

    तेरी एक मुस्कुराहट ने सहारा दे दिया."


    प्रभावशाली पंक्तियाँ . बधाई !
    आभार स्वप्निल जी!

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  7. Pushkar Sharma10 May 2013 at 04:58

    excellent poem . good use of words .
    congrats pratik and a big thanks to swapnil ji for updating this poem on your beautiful blog .
    - Pushkar Sharma

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  8. अनन्या सिंह10 May 2013 at 04:58

    उत्कृ्ष्ट कविता . आभार स्वप्निल जी व प्रतीक जी को बधाई.

    - अनन्या सिंह


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  9. ऋषि कुमार10 May 2013 at 04:59

    दिल को छू जाने वाली कविता .
    - ऋषि कुमार

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  10. वरुण सक्सेना .10 May 2013 at 04:59

    क्या बात !!!!!!!! बहुत ही खूबसूरत रचना .
    बधाई .

    - वरुण सक्सेना .

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  11. This poem in truly appreciative . ultimate work .
    keep up the good work @ pratik
    Thanks swapnil ji .Swapnil Saundarya ROCKS !!!!!!!!!!

    - Astha

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  12. bahut sunbdar dil ko chhune wali rachna, aabhar

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