Diary of Dr Akanchha Awasthi:1.2

SWAPNIL   SAUNDARYA  e-zine  

( Vol- 05, Year - 2018, DIARY  )

Presents

Diary of Dr Akanchha Awasthi:1.2



Published by : Aten Publishing House 


Swapnil Saundarya ezine : An Intro

Launched in June 2013, Swapnil Saundarya ezine has been the first exclusive lifestyle ezine from India available in Hindi language ( Except Guest Articles ) updated bi- monthly . We at Swapnil Saundarya ezine , endeavor to keep our readership in touch with all the areas of fashion , Beauty, Health and Fitness mantras, home decor, history recalls, Literature, Lifestyle, Society, Religion and many more. Swapnil Saundarya ezine encourages its readership to make their life just like their Dream World .




स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन - परिचय 


कला , साहित्य,  फ़ैशन व सौंदर्य को समर्पित भारत की पहली हिन्दी लाइफस्टाइल  ई- पत्रिका के पँचम चरण अर्थात पँचम वर्ष में आप सभी का स्वागत है . 

फ़ैशन व लाइफस्टाइल  से जुड़ी हर वो बात जो है हम सभी के लिये खास, पहुँचेगी आप तक , हर पल , हर वक़्त, जब तक स्वप्निल सौंदर्य के साथ हैं आप. गत वर्षों की सफलता और आप सभी पाठकों के अपार प्रेम व प्रोत्साहन  के बाद अब स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन  ( Swapnil Saundarya ezine )   के पँचम वर्ष को एक नई उमंग, जोश व लालित्य के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि आप अपनी ज़िंदगी को अपने सपनों की दुनिया बनाते रहें. सुंदर सपने देखते रहें और अपने हर सपने को साकार करते रहें .तो जुड़े रहिये 'स्वप्निल सौंदर्य' ब्लॉग व ई-ज़ीन  के साथ .

और ..............

बनायें अपनी ज़िंदगी को अपने सपनों की दुनिया .
( Make your Life just like your Dream World ) 


Founder - Editor  ( संस्थापक - संपादक ) :  
Rishabh Shukla  ( ऋषभ शुक्ला )

Managing Editor (कार्यकारी संपादक) :  
Suman Tripathi (सुमन त्रिपाठी) 

Chief  Writer (मुख्य लेखिका ) :  
Swapnil Shukla (स्वप्निल शुक्ला )

Art Director ( कला निदेशक) : 
Amit Chauhan  (अमित चौहान) 

Marketing Head ( मार्केटिंग प्रमुख ) : 
Vipul Bajpai (विपुल बाजपई) 


'स्वप्निल सौंदर्य - ई ज़ीन ' ( Swapnil Saundarya ezine )  में पूर्णतया मौलिक, अप्रकाशित लेखों को ही कॉपीराइट बेस पर स्वीकार किया जाता है . किसी भी बेनाम लेख/ योगदान पर हमारी कोई ज़िम्मेदारी नहीं होगी . जब तक कि खासतौर से कोई निर्देश न दिया गया हो , सभी फोटोग्राफ्स व चित्र केवल रेखांकित उद्देश्य से ही इस्तेमाल किए जाते हैं . लेख में दिए गए विचार लेखक के अपने हैं , उस पर संपादक की सहमति हो , यह आवश्यक नहीं है. हालांकि संपादक प्रकाशित विवरण को पूरी तरह से जाँच- परख कर ही प्रकाशित करते हैं, फिर भी उसकी शत- प्रतिशत की ज़िम्मेदारी उनकी नहीं है . प्रोड्क्टस , प्रोडक्ट्स से संबंधित जानकारियाँ, फोटोग्राफ्स, चित्र , इलस्ट्रेशन आदि के लिए ' स्वप्निल सौंदर्य - ई ज़ीन ' को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता .

कॉपीराइट : 'स्वप्निल सौंदर्य - ई ज़ीन '   ( Swapnil Saundarya ezine )   के कॉपीराइट सुरक्षित हैं और इसके सभी अधिकार आरक्षित हैं . इसमें प्रकाशित किसी भी विवरण को कॉपीराइट धारक से लिखित अनुमति प्राप्त किए बिना आंशिक या संपूर्ण रुप से पुन: प्रकाशित करना , सुधारकर  संग्रहित करना या किसी भी रुप या अर्थ में अनुवादित करके इलेक्ट्रॉनिक या यांत्रिक , प्रतिलिपि, रिकॉर्डिंग करना या दुनिया के किसी भी हिस्से में प्रकाशित करना निषेध है . 'स्वप्निल सौंदर्य - ई ज़ीन ' के सर्वाधिकार ' ऋषभ शुक्ल' ( Rishabh Shukla )  के पास सुरक्षित हैं . इसका किसी भी प्रकार से पुन: प्रकाशन निषेध है.

चेतावनी : 'स्वप्निल सौंदर्य - ई ज़ीन '  ( Swapnil Saundarya ezine )   में घरेलु नुस्खे, सौंदर्य निखार के लिए टिप्स एवं विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के संबंध में तथ्यपूर्ण जानकारी देने की हमने पूरी सावधानी बरती है . फिर भी पाठकों को चेतावनी दी जाती है कि अपने वैद्य या चिकित्सक आदि की सलाह से औषधि लें , क्योंकि बच्चों , बड़ों और कमज़ोर व्यक्तियों की शारीरिक शक्ति अलग अलग होती है , जिससे दवा की मात्रा क्षमता के अनुसार निर्धारित करना जरुरी है.  






संपादकीय
Editorial :
संपादकीय 

नमस्कार पाठकों,


आप सभी के प्रेम  व आशीर्वाद के कारण हम भारत की पहली हिंदी लाइफस्टाइल  ई -पत्रिका स्वप्निल सौंदर्य ( Swapnil Saundarya ezine ) के चार वर्ष सफलतापूर्वक संपूर्ण कर चुके हैं. अब हम स्वप्निल सौंदर्य ई ज़ीन के पँचम चरण के पथ पर अग्रसर हैं. गत वर्षों में हमने विभिन्न मुद्दों पर पत्रिका के माध्यम से चर्चा की. सौंदर्य की सही परिभाषा को आत्मसात किया. स्वप्निल सौंदर्य एक लाइफस्टाइल ई पत्रिका है पर पत्रिका के कंटेट को सीमित न करते हुए हमने इसके जरिये कई सामाजिक मुद्दों को गहराई से समझा व पूर्ण संवेदनाओं के साथ इन्हें उजागर किया. पत्रिका में हमने कला, फ़ैशन, लाइफस्टाइल, साहित्य से जुड़े तमाम पहलुओं को सम्मिलित किया. गत वर्ष 'लावण्या' नामक नव सेगमेंट के जरिये हमने भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा चुके कुछ नर्तक व नृत्यांगनाओं के प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाश डाला. 












एक ओर स्त्री विमर्श से संबंधित मुद्दों पर डॉ. आकांक्षा अवस्थी की डायरी के कुछ पृष्ठों को सम्मिलित किया गया तो दूसरी ओर एड्वोकेट प्रणवीर प्रताप सिंह चंदेल व उनके मित्रों द्वारा गरीब व असहाय बच्चों की शिक्षा व बेहतर भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को व उनके मिशन एन.जी.ओ की संरचना व कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई.   स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन के चतुर्थ वर्ष का शुभारंभ हमने अधिवक्ता मीरा यादव की डायरी ( From the diary of Meera ) के कुछ अनमोल पृष्ठों से किया . नारी व्यथा व सशक्तिकरण को मर्मस्पर्शी व दृढ़्ता के साथ प्रस्तुत करती मीरा की डायरी के ये पृष्ठ  सराहनीय थे. इसके अलावा स्त्री का जीवन चुनौतियों का पर्याय जैसे हृदय भेदी मुद्दों व अपने रिसर्च पेपर्स व जर्नल्स के साथ डॉ. आकांक्षा अवस्थी की डायरी निरंतर हमारी ई पत्रिका की शोभा बढ़ा रही है. गत वर्ष पत्रिका की प्रमुख लेखिका व डिज़ाइनर स्वप्निल शुक्ला के खजाने से फ़ैशन व आभूषणों पर उनके प्रकाशित लेखों के संकलन को भी  प्रस्तुत किया गया. पुरुषों की जीवनशैली को समर्पित स्वप्निल सौंदर्य ई -ज़ीन की  नवीन पेशकश 'दि आइसोलेटेड चैप' ( The Isolated Chap ) को भी सफलतापूर्वक प्रस्तुत  किया गया. 

आशा करता हूँ कि स्वप्निल सौंदर्य ई ज़ीन के आने वाले  अंकों  के ज़रिये  आप सभी को  इंटीरियर्स, फ़ैशन, आभूषण ,कला आदि से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण जानकारियों का अनमोल खज़ाना निरंतर प्राप्त होता रहे और हम पर आप पाठकों के प्रेम व आशीर्वाद की वर्षा होती रहे. 

तो  बस बने रहिये स्वप्निल सौंदर्य ई -ज़ीन के साथ और बनाइये अपनी ज़िंदगी को अपने सपनों की दुनिया.  


- ऋषभ शुक्ला ( Rishabh Shukla )

  संस्थापक -संपादक ( Founder-Editor )


Guns are to men what jewelry is to women !

The Fascinating History of Indian Jewellery

Author

Swapnil
Jewellery Designer – Fashion Consultant – Design Journalist- Crafts Expert

Published by : 

Aten Publishing House



Indian jewellery is as old as Indian civilisation itself. The ruins of the Indus Valley civilisation, going back to 5000 years, have yielded examples of beaded jewellery. In the sculptures at Bharhut, Sanchi and Amaravati and the paintings at Ajanta can be seen the wide range of jewellery worn by man and woman, by king and commoner. The temples of South India, Bengal, Orissa and Central India present a veritable cornucopia of the jeweller's art.

Jewelry has undergone an unprecedented revolution in recent decades. Personal adornment has always attracted wide interest, but since the 1960s jewelry has found fresh inspiration. Influences from other arts, the use of surprising materials and the desire to make an individual statement or even to tell a story, have all combined to create a new and exciting movement.

Jewellery in ancient times was not only an adornment, but each stone was endowed with a mystical quality and used as a protection against evil forces. The navaratna or nine gems, each sacred to a planet, are worn in a particular order for the same reason to this day. The maniratna, called the serpent stone, was used as a talisman to protect the wearer. Rudraksha and Tulsi seeds and sandalwood beads are worn even today during Hindu worship.

The advent of Moghul rule further embellished Indian jewellery. The synthesis of Hindu and Muslim forms and patterns resulted in a great outburst of ornamentation, elegant and exquisite, and of a lush extravagance never seen before. Although traces of enamelling have been found in ancient Taxila, this art reached its zenith only under the Moghuls, when even the unseen reverse side of each jewel was covered with intricate enamel work (minakari).

Jewellery later became a means of putting by savings, like a bank today, and of providing financial security to women who sold it in times of need.
The Indian love of gold may have been a means of acquiring wealth. But the Indian love of jewellery is really a love of the beautiful and the aesthetic, of man's aspirations to reach perfection in form, design and colour. Repetition, symmetry and orderly progression in design are typical of the Indian belief in order, or R'ta, in the cosmic universe.

This book tells the story of India’s fascination with jewellery that begins 5,000 years ago in the Indus Valley and provides information on History and significance of Indian Jewellery along with evergreen jewellery trends and detailed information on Amulets and Talismans. The book also focuses on the inspired use of new materials, new processes, new tools and new ideas and is an essential work of reference for collectors, artists, curators and students of twentieth-century art, craft and jewelry.
For press or wholesale enquiries , please e-mail :
swapnilsaundarya@gmail.com


Book Cost : 300.00 INR

Shipping Cost : 150.00 INR

Format : Paper Back, Custom Size

Written by : Swapnil Shukla


Published by : Aten Publishing House




Secrets of Visual Merchandising
Creating Store Space that encourages buying

by
Interior Designer - Visual Artist - Arts Journalist  Rishabh

Published by :: Aten Publishing House

A great introduction for retail students, this book offers a user-friendly reference guide to all aspects of visual merchandising and covers both window dressing and in-store areas. Using examples from a range of shops, from fashion emporia to small outlets, the book offers practical advice on the subject, supported by hints and tips from Interior Designer - Visual Artist - Arts Journalist  Rishabh.

It reveals the information on the use of mannequins, the latest technology, and how to construct and source props, and explains the psychology behind shopping and buyer behavior.

Presented through  photographs, diagrams of floor layouts, and store case studies, and including invaluable information such as a glossary of terms used in the industry, 'Secrets of Visual Merchandising'  is an essential handbook for anyone working in and learning about this exciting area.

Book Cost : 250.00 INR

Shipping Cost : 150.00 INR

Format : Paper Back, Custom Size

Written by : Rishabh Shukla

Published by : Aten Publishing House


Order Now by sending us an e-mail on Painterbabupb@gmail.com




Diary of Dr Akanchha Awasthi :: 1.2


अपराध के पसरते पाँव 


सुनने में यह शब्द बेहद सामान्य  सा लगता  है लेकिन अगर इस शब्द की  गंभीरता से जांच  करें तो इसका अर्थ अत्यंत  कठिन  व कष्टदायक है  । इसमें मुख्य रुप से कम से कम दो सदस्यों का होना सामान्य माना जाता है. पहला अपराध  करने वाला  और दूसरा अपराध सहने  वाला या शिकार होने वाला.

अपराध सामान्यत: दो प्रकार के होते हैं । पहला वो जो बिना सोचे समझे किया जाए और दूसरा वो जिसे पूर्व नियोजित तरीके से , सोच समझकर  अंजाम दिया जाए. अपराध का क्षेत्रफल काफी विकसित है. सामाजिक परिप्रेक्ष्य में यदि बात की जाए तो ऊँची कुर्सी या पद पर बैठा  व्यक्ति अपने से निचले व्यक्ति पर अधिक दबाव बनाने का प्रयास करता है, नेता जनता पर शासन करने के लिए, पुलिस जनता पर दबाव बनाने के लिए, अधिकारी कर्मचारी पर रौब जमाने के लिए, प्राचार्य शिक्षकों पर नित नई अर्थहीन नीतियों द्वारा ,पति ,अपनी पत्नी पर या पत्नी अपने पति पर हावी होने के उद्देश्य से. ऐसे तमाम  उदाहरण  हैं जिनकी जड़ों को यदि टटोला जाए तो पाएंगे अपने अहम की तृप्ति हेतु न जाने  कितनी ही जगहों पर अपरध के बीज पनपते रहते हैं और ध्यान न देने के कारण इनकी जड़े तेजी से हमारे समाज को खोखला करती चली जाती हैं । वर्तमान समय में अपराधों में बढ़ोत्तरी के कई कारण हैं । इसमें सबसे अधिक युवाओं की भागीदारी जोर पर है और यह हमारी चिंता का मुख्य कारण है । 

आज जहाँ टेक्नॉलजी अपने चरम पर बढ़ चुकी है वहीं इसके दुष्परिणामों ने भी पाँव पसार लिए हैं. साइबर क्राइम, आतंकवाद ,घरेलु हिंसा, बाल व महिला शोषण व उत्पीड़न , नशा, हथियारों की तस्करी, मानव अंगों की तस्करी , महिला वेश्यावृत्ति आदि .... ये सभी अपराध युवाओं के लिए उन शार्टकट मेथड्स के समान हैं जो उन्हें रातों रात बिना मेहनत के पैसा कमाने के लिए प्रेरित करते हैं. गलत तरीके से अर्जित धन की चकाचौंध में युवा वर्ग ये समझ ही नहीं पाता कि उनके द्वारा उठाए गए गलत कदम उन्हें किस भयानक दुनिया की ओर ले जा रहा है. साइबर क्राइम ने जहाँ  दबे पाँव हमारी ज़िंदगी में तूफान मचा दिया है वहीं अपराध के नए -नए तरीकों की खोज की है. नशा भी वर्तमान समय की बड़ी समस्या है , थोड़ी  सी शराब पिला कर, सूखे नशे का लालच देकर आज आप किसी से भी कुछ भी करवा सकते हैं. नैतिक मूल्यों का पतन  हमें  पाश्चात्य संस्कृति से आधुनिकता के साथ मुफ्त में मिला है. परिणामस्वरुप संस्कारों में गिरावट का स्तर पाताल से भी नीचे होता जा रहा है .  महिलाओं को समाज में प्रताड़ित करने की जो पुरुष प्रधान समाज में मानसिकता है उसमें बहुत बड़ा कारण स्वयं महिलाओं की चुप्पी है. जिससे पुरुष वर्ग का मनोबल बढ़्ता है  जो अपराध को कहीं न कहीं प्रोत्साहित  करता है.



जल्द से जल्द पैसा कमाने की होड़ में मानवता का पतन होता जा रहा है. एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का शोषण करने से कहीं से भी नहीं चूक करता है. अपनी गलत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु व्यक्ति को   हथियारों की तस्करी या किसी दूसरे व्यक्ति के अंगों की तस्करी करनी पड़े , उसे इसमें कोई गुरेज नहीं होता . परंतु यदि सिक्के के दूसरे पहलू पर यानि समाधान की बात करी जाए तो सबसे पहले हमें समस्याओं  के कारण उत्पन्न होते एक दूसरे पर दोषारोपण के खेल अर्थात ब्लेम गेम को दरकिनार करना होगा. आपराधिक समस्याओं का जन्म  हमारे समाज से हुआ है और समाज की मूलभूत इकाई परिवार है.अत: सर्वप्रथम हमें परिवार पर काम करने की आवश्यकता है. इसका सरलतम स्वरुप ये होगा कि माता पिता को पारिवारिक माहौल अच्छा रखने के साथ साथ बच्चों को जीवन के मूल्यों और दर्शन की ओर वापस ले  जाने  की आवश्यकता  है जिससे बच्चों में उचित नैतिकता का विकास हो और बच्चों के गुमराह होते कदमों को और उनमें पनपती आपराधिक प्रवृत्तियों को रोका जा सके.इसके अलावा समाज में सशक्त दंड़ नीति की अति आवश्यकता है अर्थात मजबूत कानून व्यवस्था व कानूनी धारओं को लागू किया जाए जिससे अपराध पर  लगाम कसी जा सके. इसके  अलावा निम्नलिखित उपायों द्वारा भी आप  सतर्क होकर अपनी व अपने परिवार की रक्षा कर सकते हैं ::

व्यक्तिगत सुरक्षा

-ऐसे लोगों के फोन नम्बरों की लिस्ट बनाएं जिन्हें आप एमरजेंसी में फोन कर सकें। फोन को अपने सिरहाने (बिस्तर के पास) रखें।

- एमरजेंसी में सक्रिय किए जा सकने वाले व्यक्तिगत अलार्म को लेने के बारे में विचार करें।

- अपने घर में मॉनिटर किए जाने वाले सुरक्षा अलार्म लगवाने पर विचार करें।


बहकावे में न आएं

- यदि कोई अनजान व्यक्ति आपके घर आता है और फोन का प्रयोग करने के लिए पूछता है, तो आप स्वयं उसके लिए फोन करने का सुझाव दें। उनके लिए आपके घर में आने और आपके लिए दरवाज़ा खोलने की जरूरत नहीं है।

-अपने दरवाज़े पर आने वाले या आपको फोन करने वाले अनजान लोगों के साथ व्यापार नहीं करें।
- अपनी आर्थिक स्थिति की चर्चा अनजान लोगों से न करें और न ही अपने बैंक अकाउंट तथा क्रेडिट कार्ड का ब्योरा फोन पर दें।

-किसी भी व्यवसायिक व्यक्ति को काम पर लगाने से पहले कई उद्धरण (क्वोट्स) लें या मित्र से [किसी की] सिफारिश करने के लिए कहें।

- यदि आप सोचते हैं कि कोई आपसे बेईमानी कर रहा है तो पुलिस से सम्पर्क करें।


सुरक्षा के लिए कुछ सुझाव

- घर में बड़ी मात्रा में नकदी या ज़ेवरात न रखें।

- अपने दरवाज़े में चौड़े कोण वाले झाँकने के छेद (पीपहोल) को लगवाएं।

- बाहर के सभी दरवाज़ों पर अन्दर से सुरक्षा चेन लगवाएं।

- यदि आपको किसी गलत नम्बर का फोन आता है तो कभी भी अपना नाम या पता मत दें।

आभार.


डॉ आकांक्षा अवस्थी
सहा0 प्रवक्ता  ( गृह विज्ञान विभाग )
सरस्वती महिला महाविद्यालय 









Dr Akanchha Awasthi is working as Asst. Professor in the department of Home Science at Saraswati Mahila Mahavidyala . She has specialization in Women and child development and is well versed in the art of garment manufacturing . She has a keen interest in writing and has penned down several journals and research papers. She is the pen behind Diary of Dr Akanchha , a permanent section published regularly on Swapnil Saundarya ezine, which is an Indian Lifestyle magazine published bi monthly.


KINGDOM OF SWAPNIL SAUNDARYA DOLLS ......



Presenting new range of DREAM BEAUTY #DOLLS !!!!!

Proudly #MadeInIndia

Swapnil Saundarya Desi Dolls / Dream Beauty Dolls : All New Beauties

These are hand knitted Dolls namely SWAPNIL SAUNDARYA DESI DOLLS made by the only use of Threads. These desi dolls have capacity to grab your full attention and can even steal your heart . No matter how old are you , you can easily fall in love with these cute and beautiful Desi Dolls. We make Dream beauty Dolls in various forms like angels, fairies, school going kids and many more. They are all different.They are all single-thread pieces and demand undivided focus. Swapnil Saundarya Desi Doll is characterised by dedication to detail. Swapnil Saundarya Desi Dolls resembles the finesse of a perfectly hand crafted product. These Dolls are chemical free i.e Eco Friendly and are unharmful to kids .

These Desi Dolls can become your kid’s best friend and enhances your décor while using them as interior accessories. Customers can also gift them to their near and dear ones.These dolls  captured the smiles of children of all ages. They feature Thread bodies with molded hands, feet and heads. Facial features are hand  sewn and are dressed in decent pretty clothes. These dolls will provide a unique touch to your  home decor or can be a happy addition to a child’s collection.






'Swapnil Saundarya Fragrance ' :: Made-to-share fragrance


What is the smell of a man? Or of a woman? The truth is there is no defining characteristic that makes a scent intrinsically masculine or feminine; it’s all a result of gender ideology and years of powerful marketing. The idea that women should smell of delicate florals and a man of creamy wood is outdated and overruled by the rise of unisex and made-to-share fragrances.

To save you the bother of scouring department store shelves we’ve discovered this gender-neutral scent namely  'Swapnil Saundarya Fragrance ' in the market.

The range (  'Swapnil Saundarya Fragrance' )  features jasmine, rose and sandalwood, among other local scents, and is priced between Rs 300 and Rs 1,000 for a 30ml to 100ml bottle of eau de parfum, much lower than foreign brands. And that was a very conscious decision, made in order to convince locals to use perfume  on a daily basis, instead of saving it for special occasions or relying solely on deodorants to smell good.



The Bohemian Jewels by Swapnil Saundarya Label

The word ‘Bohemian’ is most often used when describing someone who does not conform to tradition. This is the case in the way he/she might act as well as dress and that is when jewellery and fashion come into play . Jewellery designs that are usually described as bohemian tend to be a mix of different materials and have a care free style to them . Swapnil Saundarya Label’s jewelery is considered bohemian because it mixes gemstones, glass, cotton, ceramic, threads and metal elements together. This kind of jewellery is designed to convey an attitude and style that says free- spirited.


















Fight against Breast Cancer

We have two options, medically and emotionally: give up or fight like hell




SWAPNIL SAUNDARYA CHEMO DOLLS

#ChemoDolls :: Bald is beautiful
‘Swapnil Saundarya Label’ is proud to present its exclusive range of chemo dolls which can help in conveying the psychosocial effects of treatment to cancer patients .
Our Label has created Swapnil Saundarya Chemo Dolls with an extremely rare condition where they do not have hair , they went through all their cancer treatments with their chemo, radiation and surgery . These Chemo Doll with the ‘ Fighting Spirit ‘ help to affirm and support the struggles of cancer patients. These dolls are designed to encourage Cancer patients who have to go through chemo therapy and will likely lose their hair. Swapnil Saundarya Chemo Dolls are dolls for children as well as for adults in treatments for cancer.
Doll Designer Swapnil has been very busy making chemo dolls which are simply beautiful and bald ! each with their own removable colorful hat adjoining with the doll’s hand representing the power to fight against the terrible disease Cancer . These dolls are dedicated to all of them battling this awful disease.
Help Swapnil Saundarya Label  meet their goal of placing  Swapnil Saundarya Chemo Dolls in the arms of all cancer patients who need a hug and to put big smiles on their faces .You can nominate any child with cancer who needs a new best friend Doll and the company will ship his or her new doll with our love and care from Swapnil Saundarya Label.
Doll Designer Swapnil believes that her dolls have the magic to make their own best friends feel super brave and courageous.”Our mission is to provide emotional support to children and adults in treatment for cancer and other serious illnesses through our chemo dolls  and Artistic Cards ” she said.
Swapnil Saundarya Chemo Dolls are available at Swapnil Saundarya estore and Rishabh Interiors and Arts :: The e Studio.



'Swapnil Saundarya' For a Cause : FIGHT AGAINST DOMESTIC VIOLENCE & CHILD ABUSE


#StopDomesticViolence 
#StopChildAbuse

YES ! I AM BOLD  is a collection of paintings by Interior Designer, Painter and Arts Journalist  Rishabh that speak out against Domestic violence and Child Abuse.

YES ! I AM BOLD .




















प्रिय पाठकों !

आपकी ओर से निरंतर प्राप्त हो रही सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के लिए 'स्वप्निल सौंदर्य ई ज़ीन' की पूरी टीम की तरफ से आप सभी को हृ्दय से आभार . अपने आशीर्वाद, प्रेम व प्रोत्साहन की वर्षा हम पर सदैव करते रहें . आपकी टिप्पणियों , सलाहों एवं मार्गदर्शन का हमें बेसब्री से इतंज़ार रहता है . पत्रिका के लिए आपके लेख, रचनायें आदि सादर आमंत्रित हैं.  कृ्प्या अपने पत्र के साथ अपना पूरा नाम ,पता, फोन नंo व पासपोर्ट साइज़ फोटो अवश्य संलग्न करें. 

ई- मेल :    swapnilsaundarya@gmail.com

                shuklarishabh52@gmail.com





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- रचना के साथ आपका पूरा नाम, पता, पिनकोड व पासपोर्ट साइज़ फोटो अवश्य भेजें. 

- रचना पर शीर्षक के ऊपर मौलिकता के संबंध में साफ - साफ लिखें अन्यथा रचना पर विचार नहीं किया जाएगा.

- रचना सिंपल फांट ( Font )  में लिखी गई हो .

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- स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन टीम  ( Swapnil Saundarya ezine Team )  





SWAPNIL SAUNDARYA LABEL 
Make your Life just like your Dream World !






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