फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) - निवेश का बेहतरीन विकल्प .


 



फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) - निवेश का बेहतरीन विकल्प .



दि आप अपना पैसा कहीं निवेश करना चाहते हैं और अपने पैसों का बेहतर रिटर्न भी चाहते हैं , तो फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. आइए, फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  के बारे में विस्तार से जानें .

फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) निवेश का एक ऐसा विकल्प है, जिसमें निवेशक एक निश्चित अवधि के लिये निश्चित रकम निवेश करता है और उस पर उसे निर्धारित  रिटर्न { वापसी } मिलता है. यह ऐसे है, जैसे आपने अपना पैसा बैंक को लोन दे दिया और उसके बदले में बैंक आपको ब्याज देता है.

फिक्स्ड डिपॉज़िट के कई फायदे हैं जैसे एफ . डी  पर बाज़ार के उतार - चढा़व का कोई असर नहीं होता. जिस ब्याज दर पर आपने फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) कराया है , आपको उसी दर से रिटर्न मिलना तय है. फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) पूरी तरह से सुरक्षित है, चाहे एफ . डी  नेशनलाइज़्ड बैंक में हो , प्राइवेट बैंक में या फिर विदेशी बैंक में . अगर बैंक  दिवालिया भी हो जाता है तो एक लाख रुपए तक का अमांउट आपको मिल जाएगा. डिपॉज़िट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन इस पैसे की गारंटी देता है.

फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  में जमा रकम का 75-90 फीसदी हिस्सा लोन में लिया जा सकता है . फिक्स्ड डिपॉज़िट  में सामान्य लोगों के मुकाबले बुजुर्गों को ऊँची दर मिलती है .

इसके अलावा निवेश में कई ऐसे विकल्प हैं , जिनमें मेंटेनेंस का खर्च होता है , लेकिन फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  में मेंटेनेंस का कोई खर्च नहीं होता .

वैसे फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  के कुछ नुकसान भी हैं. फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि म्युचुअल फंड , शेयर बाज़ार आदि के मुकाबले इसमें कम रिटर्न मिलता है .

फिक्स्ड डिपॉज़िट  से होने वाली ब्याज की आय को इनकम में जोड़ा जाता है और उस पर टैक्स लगता है.

जहाँ तक बात है फिक्स्ड डिपॉज़िट  के रिटर्न की तो एक .डी पर मिलने वाला ब्याज इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस बैंक में फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी) करा रहे हैं और कितनी अवधि के लिये करा रहे हैं.  लंबी अवधि के लिये फिक्स्ड डिपॉज़िट  कराने पर ज्यादा ब्याज मिलता है . फिक्स्ड डिपॉज़िट  से रेग्युलर इनकम नहीं मिलती , बल्कि मेच्यौरिटी पर अमाउंट मिल जाता है . आमतौर पर बैंक अवधि के हिसाब से 4 से 11 फीसदी तक ब्याज एफ.डी पर देते हैं.


आइए अब फिक्स्ड डिपॉज़िट  से जुड़ी कुछ अन्य महत्तवपूर्ण  बातों पर चर्चा करते हैं .

फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  15 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिये कराई जा सकती है . आप कितने दिनों के लिये फिक्स्ड डिपॉज़िट  कराते हैं, यह आप पर निर्भर करता है . मेच्यौरिटी से पहले रकम निकाल सकते हैं , लेकिन ऐसे में बैंक आपसे पेनाल्टी चार्ज करेगा.

फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  में कम से कम 1000  रुपए और अधिकतम रकम की कोई सीमा नहीं होती है.

फिक्स्ड डिपॉज़िट बैंकों के अलावा कंपनियों में भी किया जा सकता है . कुछ लोग कंपनी एफ. डी में अपना पैसा लगाना चाहते हैं, क्योंकि बैंकों के मुकाबले इनमें रिटर्न ज्यादा मिलता है . लेकिन इनके साथ दिक्कत यह है कि इनमें जमा रकम की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं . अगर कंपनी दिवालिया हो जाती है , तो पैसे डूब जाने का खतरा बना रहता है. अगर आप में जोखिम लेने की क्षमता है , तो आप कंपनी फिक्स्ड डिपॉज़िट में निवेश कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले आप इन बातों पर गौर अवश्य करें -

* एक ही कंपनी में निवेश करने के बजाय अलग- अलग इंडस्ट्रीज़ से जुड़ी अलग - अलग कंपनियों में निवेश करें. अपने कुल निवेश का 10 फ़ीसदी से ज्यादा एक कंपनी में निवेश न करें.

* एक से तीन साल की अवधि के लिये पैसा इन्वेस्ट करें.

* फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफ . डी)  मेच्यौर हो जाने के बाद कंपनी की ग्रोथ का आकलन करें और फिर यह तय करें कि आपको रकम उसी कंपनी में दोबारा  लगानी है या पैसे को कहीं और इन्वेस्ट करना है . फिक्स्ड डिपॉज़िट  कराने से पहले कंपनी के शेयर की कीमत , वार्षिक रिपोर्ट आदि के अलावा कंपनी से जुड़ी खबरों की जाँच - पड़्ताल कर लें.






                                - स्वप्निल शुक्ल



copyright©2012-present Swapnil Shukla.All rights reserved
No part of this publication may be reproduced , stored in a  retrieval system or transmitted , in any form or by any means, electronic, mechanical, photocopying, recording or otherwise, without the prior permission of the copyright owner. 

Copyright infringement is never intended, if I published some of your work, and you feel I didn't credited properly, or you want me to remove it, please let me know and I'll do it immediately.














Comments

  1. अनुराधा मित्तल4 May 2013 at 05:36

    बढ़िया जानकारी स्वप्निल जी !आभार .
    - अनुराधा मित्तल

    ReplyDelete
  2. very useful information . thanks for sharing

    -Vineet Gupta

    ReplyDelete
  3. you explained it in very smooth way ....i am sure it will be helpful for many people.
    thanks swapnil ji .
    keep it up .

    - Tarun Vadhwa

    ReplyDelete
  4. मीरा त्रिवेदी4 May 2013 at 05:43

    बहुत ही सरल शब्दों में महत्वपूर्ण जानकारी .
    - मीरा त्रिवेदी

    ReplyDelete
  5. कौशल सिंह4 May 2013 at 05:43

    बहुत उमदा ...... पाठकों के समक्ष कुछ नया प्रस्तुत करने का सार्थक प्रयास
    -कौशल सिंह

    ReplyDelete
  6. विकास मित्तल4 May 2013 at 05:46

    आपको आभार व नमन इस जानकारी लिये ....
    - विकास मित्तल

    ReplyDelete
  7. बहुत खूब .. उत्कृ्ष्ट जानकारी . धन्यवाद!

    ReplyDelete
  8. very well written & well explained . Thanks

    - Anusha

    ReplyDelete
  9. करुणा शुक्ल4 May 2013 at 05:53

    एफ . डी के बारे में बेहद विस्तृ्त जानकारी . वो भी बेहद सहज भाषा में... ऐसे लेख सबके लिये काफी फायदेमंद साबित होते हैं .. बहुत - बहुत आभार आपका स्वप्निल जी .

    - करुणा शुक्ल . बनारस.

    ReplyDelete
  10. amazing blog Swapnil! all the posts and content of your blog is truly informative and extra- ordinary .

    ReplyDelete
  11. अनुराग चावला4 May 2013 at 05:55

    सराहनीय प्रस्तुति . एफ . डी निवेश का एक बेहतरीन विकल्प है . अच्छी जानकारी
    - अनुराग चावला

    ReplyDelete
  12. informative blog . keep it up .
    - Gagan Deep

    ReplyDelete
  13. swapnil saundarya is one of my favourite lifestyle blogs in the blogging world . keep up the good work swapnil ji .
    looking forward for more blogs

    - Manju Saxena

    ReplyDelete
  14. डॉ . कृ्ष्ण सिंह4 May 2013 at 06:09

    उत्कृ्ष्ट लेख . आभार

    - डॉ . कृ्ष्ण सिंह

    ReplyDelete
  15. good job swapnil ji .

    - Bimal Jeet

    ReplyDelete
  16. Nice sharing . Good one. you explained it in very smooth way .i am sure it will be helpful for many people.thanks swapnil ji .keep it up

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

मेहंदी स्पेशल { Mehendi Special }

THE FLOWERY STORY BEHIND RK & SONS

Diary of a Young Poet ~ Sanjay Chauhan