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Showing posts from June, 2014

From the Diary of Madhumita …

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This appeared in Swapnil Saundarya e-zine : Vol- 01, Issue- 03 , Nov- Dec 2013


Colors of the Spirit










Hi, friends jus wanted to tweet.... it is my first manifestation ever let me introduce me to u all... i m, jus a petty writer and my first attempt would be unworkable without u all's support... so ur assitance is cardinal...
Dear Happy Wanderers....   Live! Like someone left the gate open!!
Introduction -  Hey!! All... I m Madhumita Banerjee... stepped into this world on 18sep1986... belong to a middle class Bong family... my father( i call him baba) use to work in defence... I am the second Child of my Parents... my sister was a gem since her chilhood and 10 yrs elder than me... she ws good at almost everythng... dont know how anywayz Baba was the only inspiration for two of us and many others too... He ws the muse of family... his vision alwayz helped to shape my life through out... His foremost was clear to all was us-: it was,

- To help people in need

- Second one is cognate to the f…

फै़शन व लाइफस्टाइल

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फै़शन व लाइफस्टाइल 









This appeared in Swapnil Saundarya e-zine  vol- 01, issue 05, mar- april 2014

धोती सलवार इन ट्रेंड :

इंडियन धोती अब लेटेस्ट फ़ैशन में शुमार हो गई हैं . यदि आप को इंडियन लुक पसंद है और आप सूट - सलवार या चूड़ीदार पहनकर बोर हो चुकी हैं, तो अपने आउटफिट्स में धोती सलवार शामिल कर सकती है . धोती सलवार पुराने समय की इंडियन धोती का ही मॉडर्न कांसेप्ट है . ये रेडीमेड है और इसे बाँधने की जरुरत भी नहीं होती है. आज के लेटेस्ट ट्रेंड के डिज़ाइन्स के  अनुसार इसमे लाइट फैब्रिक लायका व साटन यूज़ किया जाता है . यही वजह है कि इसे कैरी करना बहुत ईज़ी है. इसके साथ आप शॉर्ट कुर्ती डिज़ाइन करवा सकती हैं. पठानी सूट भी इस पर खूब फबता है. शार्ट कुर्ती में हाई नेक या कॉलर नेक बनवा सकते हैं. इस तरह की मैचिंग द्वारा आपका लुक लगेगा बिल्कुल परफेक्ट और आप दिखेंगी भीड़ से जुदा.

धोती सलवार में आप प्लेन या प्रिंटेड आप्शन अपना सकती हैं. यदि धोती प्लेन पहन रही हैं तो उसके साथ कुर्ती प्रिंटेड या एम्ब्रॉयडरी वाली पहनें. इससे धोती सलवार का लुक उभर कर आएगा. इसी प्रकार प्लेन कुर्ती के साथ प्रिंटेड धोती की मैचिंग क…

सौंदर्य

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सौंदर्य







This appeared in  स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन  Vol- 01, Issue -01, June- July 2013



आपकी खूबसूरती को और अधिक निखारने व संवारने के लिये प्रस्तुत है आपके लिये बॉडी केयर टिप्स :

* गर्मी के मौसम में पसीने की चिपचिपाहट के कारण त्वचा पर गंदगी जम जाती है और त्वचा ज्यादा आयली हो जाती है और मुहांसे होने का डर रहता है . इससे बचने के लिये सही तरीके से क्लींजिंग करें.

* रोजाना सोने से पहले चेहरे को क्लींजिंग  मिल्क से साफ करें. तत्पश्चात मॉइश्चराइजर लगाएं. स्किन टोन करने के लिए गुलाबजल का प्रयोग करें .

* दिन में कई बार चेहरे को ठंडे पानी से धोएं जिससे त्वचा खुल कर साँस ले सके.

* एलोवेरा, आवला , शहद, नींबू, हल्दी युक्त मॉइश्चराइजर को इस्तेमाल करें.

* चेहरे को फ्रेश रखने के लिए नियमित फ्रूट फेशियल करवाएं.

* चेहरे पर साबुन का प्रयोग न करें . दिन में 2-3 बार साफ्ट फेसवाश से चेहरा धोएं.

* रात को सोने से पहले बादाम व शहदयुक्त नाइटक्रीम लगाएं, इस समय त्वचा का पुनर्निर्माण होता है .

* त्वचा को ठंडक पहुँचाने वाले फेसपैक लगाए. कपूर, चंदन, गुलाबजल, नीम की पत्तियाँ आदि से युक्त फेस पैक लगाएं.

* सप्ताह  मे…

विशिष्ट प्रतिभा के धनी : प्रो. चिन्मय मेहता

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This appeared  in Swapnil Saundarya ezine : Vol- 01, Issue - 05, March- Arpril 2014


विशिष्ट प्रतिभा के धनी : प्रो. चिन्मय मेहता 





कलाकार की दृ्ष्टि केवल किसी वस्तु विशेष के बाहय रुप से ही टकराकर नहीं लौट आती बल्कि वह उसके भीतर के रहस्य का भी पता लगा लेना चाहती है. समस्त कला साधकों की दृ्ष्टि अज्ञात, अज्ञय और अगोचर से आँख मिलाने की इच्छा लेकर साधना - पथ पर अग्रसर होती है . कला के इस रहस्य को ह्रदयंगम करके जब कोई प्रतिभावान कलाकार रचना करता है , तो वह अद्वितीय एवं अतुल्य कलाकृ्ति को जन्म देता है . स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन के पंचम अंक के विशेष कॉलम में जिस विशेष शख्सियत की विशिष्ट प्रतिभा को आप सभी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है , वे हैं : 'प्रो. चिन्मय मेहता जी '.

राजस्थान की कला व संस्कृ्ति को अपनी बेमिसाल व अतुल्य चित्रकारी व शिल्प कला के ज़रिए एक नया आयाम देने वाले चिन्मय मेहता जी भारतीय कला के धारा के धारक एवं वाहक जैसे हैं.






1942 में चित्तौड़्गढ़ जिले के कस्बे बड़ी सागड़ी में जन्में प्रोफेसर चिन्मय जी की कला का सूरज देश विदेश में चमकता दमकता हुआ , भारतीय कला जगत को गौरवा…

गरुण पुराण

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धर्म, संस्कृ्ति व संस्कार 

This appeared in  स्वप्निल सौंदर्य ई-ज़ीन :  Vol- 01, Issue- 04 , Jan- Feb  2014





गरुण पुराण :

अठारह महापुराणों में ' गरुणमहापुराण ' का अपना एक विशेष महत्त्व है . जैसे देवों मेम जनार्दन श्रेष्ठ हैं और आयुधों में सुदर्शन चक्र श्रेष्ठ है, वैसे ही पुराणों में गरुण्पुराण हरि के तत्वनिरुपण में मुख्य कहा गया है . जिस मनुष्य के हाथ में यह गरुणमहापुराण विद्यमान है, उसके हाथ में नीतियों का कोश है. जो मनुष्य इस पुराण का पाठ करता है अथवा इसको सुनता है , वह भोग और मोक्ष - दोनों को प्राप्त कर लेता है.
इस पुराण के स्वाध्याय से मनुष्य को शास्त्र - मर्यादा के अनुसार जीवनयापन की शिक्षा मिलती है . जन-सामान्य में एक भ्रान्त धारणा है कि गरुणमहापुराण मृ्त्यु के उपरांत केवल  मृ्तजीव के कल्याण के लिए सुना जाता है , जो सर्वथा गलत है. यह पुराण अन्य पुराणों की भाँति नित्य पठन- पाठन और मनन का विषय है . इसका स्वाध्याय अनन्त पुण्य की प्राप्ति के साथ भक्ति - ज्ञान  की वृ्द्धि में अनुपम सहायक है .

गरुण पुराण के अनुसार मृ्त्यु का स्वरुप :

मृ्त्यु ही काल है , उसका समय आ जाने पर जीवात्मा …