Posts

Showing posts from March, 2016

Story Behind Swapnil Saundarya Desi Dolls

Image
The Story and Philosophy behind Swapnil Saundarya Desi Dolls revealed by one of the renowned Nationalised magazines . Heartiest Thanks to everyone involved .




देसी गुड़ियों का खेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से जिस 'मेक इन इंडिया' योजना  की घोषणा जोर शोर से की थी उसी को आगे बढाने के लिए कार्य प्रगति पर है . आपको बता दें कि केबिनेट ने इस स्कीम को अमलीजामा  पहनाने के लिए मंजूरी दे दी है जिसके तहत केपिटल गुड्स को बढावा दिया जाना तय हुआ है. 'मेक इन इंडिया' से तात्पर्य यह है कि अच्छी और जरुरत की चीज़ों का निर्माण ज्यादा से ज्यादा भारत में हो. ज्यादा से ज्यादा उत्पादों पर 'मेड इन इंडिया' लिखा हो और यह शब्द किसी वस्तु पर तभी अंकित किया जा सकता है जब उस वस्तु का निर्माण भारत में  हुआ हो.

पी.एम. नरेन्द्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' मुहिम की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्टर्ड डिज़ाइनर लाइफस्टाइल उत्पादों की क्रेता व विक्रेता फर्म  'स्वप्निल सौंदर्य लेबल' ने अभी हाल ही में देसी डाल्स को लाँच किया.  स्वप्निल सौ…

Laavanya ~V :: BHARATANATYAM DANCER ‘NEHA MONDAL CHAKRAVARTY’

Image
SWAPNIL SAUNDARYA
PUBLICATIONS
Presents

Laavanya ~V






BHARATANATYAM  DANCER            
‘NEHA MONDAL CHAKRAVARTY’


( From the Desk of Swapnil Saundarya e zine )




READ NOW :: https://issuu.com/swapnilsaundaryaezine/docs/laavanya__bharatanatyam_dancer_neha



BHARATANATYAM  DANCER            
‘NEHA MONDAL CHAKRAVARTY’








लावण्या ~ दि डाँसिंग डॉल्स आफ इंडिया
( Laavanya : The Dancing Dolls of India  ) 


भरतनाट्यम की श्रेष्ठ नृत्यकार नेहा मण्डल चक्रवर्ति 







नृ्त्य आत्मिक उल्लास एवं हर्ष को प्रकट करने का एक सहज , स्वाभाविक एवं बेमिसाल साधन है. आदि मानव को अपनी भूख मिटाने के लिए शिकार के पीछे काफी दौड़ने के बाद जब उसका शिकार प्राप्त हो जाता है तो वह आनंदमग्न होकर प्रसन्नता से नाचने लगता है . अत: आनंद की अभिव्यक्ति नृ्त्य को जन्म देती है. भारतीय मान्यता है कि नृ्त्य की उत्पत्ति भगवान शंकर से हुई . उन्होंने ही नृ्त्य की विभिन्न मुद्राओं का आविष्कार किया और तण्डु मुनि को नृ्त्य की शिक्षा दी .तण्डु  मुनि से भरत को और भरत ने अपने पुत्रों को नृ्त्य की शिक्षा दी. भरत के पुत्रों ने इस जगत में नृ्त्य का प्रचार क…