Fabric of Freedom :: Khadi






'फैब्रिक ऑफ फ्रीडम' : खादी 



जो न बदले वह फैशन ही क्या । पल-पल बदलती शैली ही फैशन की असली ताकत है। खादी आजादी की लड़ाई के वक्त से जनता के बीच लोकप्रिय है। पर इसे जनप्रिय बनाने के लिए समय-समय पर बदलाव करने पड़ते हैं। फैशन के इस दौर में खादी भी निखर रही है, संवर रही है।

बदलते फैशन के अनुरूप खादी को लोगों और उद्योग में प्रासंगिक बनाने के लिए प्रयोग किये जा रहे हैं । इसके लिए कई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं । नए-नए डिजाइनरों को जोड़ा जा रहा है। खादी के कपड़े पर हाथ का काम करा कर इसे समकालीन लुक और डिजाइनर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश की जा रही हैं कि खादी का रूप-रंग बदल जाए ।कई फैशन डिजाइनरों का कहना है कि खादी को भी खूब फैशनेबल और डिजाइनर बनाया जा सकता है। इस कपड़े के साथ रंगों का प्रयोग कर आकर्षक डिजाइन बनाए जा सकते हैं। हाल ही में खादी में भी आकर्षक डिजाइनों के साथ अलग-अलग  रंगों में पारंपरिक परिधानों में तेजी आई है और यह लोगों को आकर्षित भी कर रही है।





खादी का अपना एक स्थान बनाना, स्थापित करना और अधिक महंगा बाजार बनाना कठिन नहीं है। हालांकि जब किफायती बाजार का सवाल आता है तब कहानी थोड़ी अलग हो जाती  है । खादी में सभी खूबियां हैं क्योंकि वैश्विक उपभोक्ता परिस्थिति के अनुकूल विषय को लेकर काफी सजग है जो कम लागत, रख रखाव में कम खर्च और प्राकृतिक तत्वों से हाथ से बने होने के साथ कम कार्बन तत्वों से युक्त होने से जुड़े हों।

नये रंग रूप में खादी व्यापक वर्ग तक पहुंच बना रही है जिनमें पारंपरिक कुर्तों से लेकर अनोखो रंगों के संयोजन से युक्त परिधान शामिल हैं।  इसमें शादी से जुड़े कलेक्शन से लेकर पारंपरिक साड़ियों और जरी के काम वाले कपड़े भी शामिल हैं।



युवाओं के लिए देशप्रेम की भावना काफी विस्तृत है। वे सिर्फ भावनाओं में नहीं, बल्कि फैशन में भी अपने देश को अहमियत देते हैं। यही कारण है कि खादी पहनने के लिए उन्हें किसी बहाने या फिर मोर्चे की जरूरत नहीं होती । इस 'फैब्रिक ऑफ फ्रीडम' को वे दिल से लगाए हुए हैं। उन्हें खादी के जरिए स्टाइलिश बनने में कोई दिक्कत नहीं हो रही । आज के युवाओं को काफी  भाग-दौड़ में समय गुजारना होता है इसलिए खादी जैसा फैब्रिक उनके काफी मुफीद है । कोई भी मौसम हो, स्कूल-कॉलेज हो या घर , यह काफी ट्रेंडी और हॉट फैब्रिक है । खादी का स्टाइलिश और ट्रेंडी बनने का ही नतीजा है कि यह आज कुरते-पजामे तक ही सीमित नहीं है। खादी के जैकेट, स्कर्ट, शर्ट, ट्यूनिक, ट्राउजर्स, वेस्टर्न टॉप, स्कर्ट्स आदि भी बाजारों में उपलब्ध हैं।


अच्छे टेक्सचर के साथ-साथ मॉडर्न कट्स, अच्छी फिनिशिंग और  खूबसूरत स्टिचेज के कारण आज यह विश्वभर के युवाओं में पॉपुलर है। आज स्पेन के इबिजा आइलैंड की आधी आबादी खादी पहनती है।  दरअसल, फैशनपरस्त युवाओं ने इसे यों ही सर पर नहीं बिठाया है। नई पीढ़ी को ध्यान में रखकर पुरानी खादी में कई बदलाव किए गए हैं। खादी के फैलने, सिकुड़ने और रंग फीके पड़ने की समस्या को ध्यान में रखकर नेचुरल फैब्रिक में थोड़े सिंथेटिक फैब्रिक मिलाए गए। रंगों में भी काफी परिवर्तन किए गए ।   फिर कशीदाकारी और शिल्पकारी के   काम से इसे रॉयल टच दिया गया।  खादी युवाओं के वार्डरोब का ही नहीं, लाइफ स्टाइल का भी अहम हिस्सा है। खादी ग्रामोद्योग के हैंडबैग, जूते, चप्पल आदि भी युवाओं को भा रहे हैं। इसी तरह धार्मिक चित्रों और प्रतीकों से सजे व शीशे की खूबसूरत कढ़ाई वाले बैग, बटुए, बेल्ट भी इन दिनों काफी प्रचलित हैं। 


पीएम श्री मोदी ने खादी  को लोकप्रिय बनाने के लिए एक मंत्र दिया - ‘खादी देश के लिए, खादी फैशन के लिए’ - इसके पीछे विचार ये है कि खादी राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बने, साथ ही एक फैशन स्टेटमेंट भी बने, जो युवाओं के बीच लोकप्रिय हो सके।

-  स्वप्निल शुक्ला

ज्वेलरी डिज़ाइनर 
फ़ैशन कंसलटेंट





About the Writer 



Swapnil Shukla is an Indian Jewellery Designer, Couturier ,Columnist and Artist . She specializes in trends Forecasting, Lifestyle, Fashion, Gemology , Art and Astrology. After graduating from South Delhi Polytechnic for Women , New Delhi ( First with Distinction ) , she studied export management and start working as freelance designer and undertook jewellery design projects. She recently got featured on 'The Elegant Life'  as young Indian entrepreneur who successfully started with almost nothing and set a milestone in her 20s.

 She also worked as Design Columnist for many Nationalized Magazines and started the famous and highly traffic grabber fashion & Lifestyle blog ‘Swapnil Saundarya’ available in English as well as in Hindi . Swapnil has also authored two books namely ‘Gehne – The Art of wearing Jewellery’ and Fashion Pandit . She has launched her own Designer Jewellery brand namely ‘Swapnil Jewels & Arts’ and now with a desire to add new dimensions to the design and Art industry , she started ‘ Swapnil Saundarya Label ‘ with a motive to make everybody’s life beautiful and just like their Dream World . 
 In the words of Swapnil , “All my designer products are very close to my heart because all of them are intricate yet striking, bold yet feminine. They truly represents the spirit of a woman “
 ” My greatest satisfaction is a happy client “, she added. 
 Nature, Art, Various Cultures, Religion inspired Swapnil in designing.
 
 Swapnil says, ” Jewellery is an expression of form, shape, function creatively with techniques old & new. With revere for the traditional techniques of jewellery making, my endeavour is to showcase a collection that is conformist to the technique & non-conformist in the way it is rendered.
 
 Parallel to it is the collection that follows the modern techniques of jewellery making with coloured gemstones, pearls…left best to the imagination!!!
 
 Swapnil has worn several hats , Jewellery Designer, Fashion Consultant, Jewellery Journalist , Craft Expert, Writer and Painter. More recently she diversified into Handicraft Products as an experiment in her journey in design .
 
 Every experiment in her life she avers has been … “a step in my journey of growth and self discovery, a kaleidoscopic part of life that enriches the fabric of my work and existence.”

AWARDS / RECOGNITION

- Received the ‘Excellence Award 2016’ in Fine Arts from Uttar Pradesh Art Society

-The Story behind one of the most admirable products of her label namely Desi Doll has covered by India Voice News Channel , telecasted on 7th of Jan 2016

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